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वाहनों में माइक्रोडॉट

Mon 29 Jul, 2019

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी की है, जो केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करके मोटर वाहनों एवं उनके कलपुर्जों, घटकों इत्यादि में स्थायी और लगभग अदृश्य रूप से माइक्रोडॉट लगाने को अनिवार्य बनाता है।   

आवश्यकता

  • वर्ष 2016 में देशभर में लगभग 2.14 लाख वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुयी थी।
  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र वाहन चोरी की मामलों में शीर्ष तीन राज्य हैं जहाँ प्रदिदिन लगभग100 से अधिक वाहनों की चोरी होते है।  

माइक्रोडॉट

  • माइक्रोडॉट एक ऐसा बहुलक का कण होता है, जो 1 मिमी से 0.5 मिमी व्यास तक का होता है, जिसे वाहन या उसके अन्य भागों पर चिपकाया जाता है।
  • माइक्रोडॉट वाहन के पंजीकृत मालिक की पहचान को निर्धारित करता है, लेकिन इन्हें  नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता।
  • माइक्रोडॉट तकनीक में सूक्ष्म कणों को वाहन के हिस्सों या किसी अन्य मशीन को स्प्रे करना शामिल है, जो उसे विशिष्ट पहचान देता है। इस तकनीक के उपयोग से वाहनों की चोरी को रोकने में मदद मिलेगी और नकली स्पेयर पार्ट्स का उपयोग भी रोका जा सकता है।